द्रोणाचार्य
पुरस्कार, खेल और खेलों में उत्कृष्ट कोचों को प्रदान किया जाता है। इसका
नाम गुरु द्रोण के नाम पर रखा गया हिय, जो महाभारत में कौरवों और पांडवों के गुरु थे।
यह खेल मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार में
द्रोणाचार्य की कांस्य प्रतिमा, प्रमाण पत्र, औपचारिक पोशाक, और 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार शामिल है।
1985 में सर्वप्रथम यह पुरस्कार भलाचंद्र भास्कर भागवत (कुश्ती), ओम प्रकाश भारद्वाज(मुक्केबाजी) और ओ एम नाम्बियार(एथलेटिक्स) को दिया गया था।
1985 में स्थापित यह पुरस्कार 1988, 1989, 1991, 1992, 1993 और 2008 में किसी भी कोच को प्रदान नहीं किया गया।
प्राप्तकर्ता
1985 - भलाचंद्र भास्कर भागवत - कुश्ती
ओम प्रकाश भारद्वाज - मुक्केबाजी
ओ एम नाम्बियार - एथलेटिक्स
1986 - देश प्रेम आज़ाद - क्रिकेट
रघुनंदन वसन्त गोखले - शतरंज
1987 - गुरू हनुमान - कुश्ती
गुरचरण सिंह - क्रिकेट
1990 - रमाकान्त अचरेकर - क्रिकेट
सय्यद नईमुद्दीन - फुटबॉल
ए रमाणा राव - वालीबॉल
1994 - देइलियास बाबर - एथलेटिक्स
1995 - श्याम सुंदर राव - वालीबॉल
करण सिंह - एथलेटिक्स
1996 - विल्सन जोन्स - बिलियर्ड और स्नूकर
पाल सिंह संधू - भारोत्तोलन
1997 - जोगिंदर सिंह सैनी - एथलेटिक्स
1998 - जी एस संधू - मुक्केबाजी
हरगोबिन्द सिंह संधू - एथलेटिक्स
बहादुर सिंह चौहान - एथलेटिक्स
1999 - अजय कुमार सिरोही - भारोत्तोलन
हवा सिंह - मुक्केबाजी
केनेथ ओवन बोसेन - एथलेटिक्स

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